Events

Providing the best insurance policy to customers.

QUISEQUE VEL ORTOR

Start reporting or tracking your claims

अटल शताब्दी समारोह 2025
थीम: नेतृत्व, साहित्य और विरासत

🗓️ 13 से 15 अक्टूबर 2025
📍 स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश

आयोजक: ध्रुवी चैरिटेबल ट्रस्ट
सहयोग: संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार

पहला दिन: अटल की सोच – नए भारत की ओर

(उद्घाटन एवं प्रतियोगिताएँ)

मुख्य गतिविधियाँ

1. दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि समारोह

2. डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन – “अटल: द पोएट प्राइम मिनिस्टर”

3. निबंध, चित्रकला और कविता प्रतियोगिताएँ (विषय – नेतृत्व, लोकतंत्र, राष्ट्रभक्ति)

4. प्रदर्शनी – अटल जी के जीवन, कविताओं और उद्धरणों पर आधारित

5. “मेरे अटल सपने” नामक संदेश दीवार

मुख्य गतिविधियाँ

1. दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि समारोह

2. डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन – “अटल: द पोएट प्राइम मिनिस्टर”

3. निबंध, चित्रकला और कविता प्रतियोगिताएँ (विषय – नेतृत्व, लोकतंत्र, राष्ट्रभक्ति)

4. प्रदर्शनी – अटल जी के जीवन, कविताओं और उद्धरणों पर आधारित

5. “मेरे अटल सपने” नामक संदेश दीवार

 

दूसरा दिन:अटल दर्शन – नैतिकता, नेतृत्व और राष्ट्रीय गौरव

(उद्घाटन एवं प्रतियोगिताएँ)

मुख्य गतिविधियाँ

सेमिनार सत्र

  1. अटल जी का आधुनिक भारत निर्माण में योगदान

  2. संस्कृतिक बहुलता और राष्ट्रीय एकता

  3. युवा नेतृत्व और नागरिक दायित्व

कार्यशाला – “नैतिक नेतृत्व और नागरिकता की भूमिका”

पैनल चर्चा – “पोखरण से संसद तक: साहस और संवाद की अटल विरासत”

मुख्य बिंदु

1. अटल जी का सशक्त किंतु करुणामय नेतृत्व

2. लोकतंत्र का अर्थ संवाद और सहिष्णुता

3. युवाओं के लिए अटल जी का आह्वान – “नया भारत तुम्हारे कंधों पर है”

दूसरा दिन:अटल दर्शन – नैतिकता, नेतृत्व और राष्ट्रीय गौरव

(उद्घाटन एवं प्रतियोगिताएँ)

मुख्य उद्देश्य

तीसरा दिन अटल शताब्दी समारोह का सांस्कृतिक समापन दिवस होगा, जिसमें भारतीय संस्कृति, लोककला और राष्ट्रभक्ति की झलक प्रस्तुत की जाएगी।
इस दिन विभिन्न विद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अटल जी के विचारों, काव्य और भारतीय परंपरा की जीवंतता को दर्शाएँगे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ – “अटल प्रेरणा के रंग”

1. गणेश वंदना (नृत्य/गीत)

शुभारंभ में भगवान गणेश की आराधना, मंगलमय प्रारंभ के लिए।

2. देशभक्ति समूह नृत्य

गीत – “सुनो गौर से दुनिया वालों”, “वंदे मातरम्”, “भारत हमको जान से प्यारा है”
देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत नृत्य प्रस्तुति।

3. नाट्य प्रस्तुति – “अवध के राम”

अवध की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित नाट्य मंचन, जिसमें लोकसंस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की झलक प्रस्तुत की जाएगी।

4. दीवाली विशेष प्रस्तुति – “दीयों से जगमग भारत”

पारंपरिक परिधानों में दीपोत्सव थीम पर नृत्य और संगीत कार्यक्रम।
गीत – “जय जय दीपावली माता” जैसे गीतों पर प्रदर्शन।

5. काव्य पाठ – “अटल की पंक्तियाँ, अटल की भावना”

स्थानीय कवियों और विद्यार्थियों द्वारा अटल जी की कविताओं का भावनात्मक पाठ।
उदाहरण: “हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा”

6. फाइनल ग्रुप प्रस्तुति – “भारत की पहचान – एकता में विविधता”

देश के विभिन्न राज्यों की झलक पेश करने वाला समेकित नृत्य प्रदर्शन।

7. समापन संदेश और राष्ट्रगान

सभी प्रतिभागियों व अतिथियों के साथ जन गण मन के साथ कार्यक्रम का समापन।